गांव कनेक्शन उत्तर प्रदेश के गांव में बच्चों को मुफ्त मिलेगी...

उत्तर प्रदेश के गांव में बच्चों को मुफ्त मिलेगी दवा किट, जानिए क्या है पूरी स्कीम

15 जून को योगी आदित्यनाथ ने कालिदास मार्ग पर कोविड-19 लक्षण से युक्त 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए निगरानी समिति के माध्यम से नि:शुल्क दवाई वितरण के कार्य का किया शुभारंभ

-

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर से बच्चों को बचाने के लिए लगातार प्रयासरत है। कोरोना की तीसरी लहर की रोकथाम के चलते उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी गांव में कोविड-19 लक्षणों से युक्त 18 साल से कम उम्र के सभी बच्चों के लिए मुफ्त दवाई किट के वितरण हेतु ‘कोरोना की जंग में हर जीवन अनमोल‘ नामक अभियान की शुरुआत की है।

CM Yogi Adityanath told Congress leader Rahul Gandhi to stop defaming people of Uttar Pradesh
योगी आदित्यनाथ ने 15 जून को अपने सरकारी आवास से नि:शुल्क दवाओं के वितरण के लिए लगे वाहनों को हरी झंडी दिखाई। इन वाहनों को प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया गया। निगरानी समितियों के सदस्य के माध्यम से दवाई किट का वितरण सभी गांवो में हर घर तक किया जाएगा।
कोरोना की जंग में हर जीवन अनमोल अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने प्रदेश में इस पहल की शुरुआत की है। उत्तर प्रदेश में 60 हजार से अधिक निगरानी समितियों के 4 लाख से अधिक सदस्यों को इन दवाइयों के गांव-गांव वितरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदेश सरकार द्वारा कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर की पहले से ही तैयारी की जा रही है। इसके लिए 18 वर्ष से कम आयु के कोविड लक्षण युक्त बच्चों के लिए निगरानी समिति के माध्यम से समस्त जनपद में नि:शुल्क दवाई किट का वितरण करने का विशेष कार्यक्रम शुरू हो रहा है। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को 4 वर्गों में विभाजित किया है।  0-1 वर्ष, 1-5 वर्ष, 5-12 वर्ष, एवं 12-18 वर्ष में बच्चों को विभाजित करके दवाई किट उपलब्ध कराई जा रही है। प्रत्येक वर्ग के लिए अलग-अलग प्रकार की दवाई की तैयार की गई है।
Support CRY To Invest In The Potential Of India's Children
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार कोरोना पर काबू पाने और अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योग दिवस भी कोविड-19 प्रोटोकॉल के साथ मनाया जाने की बात की है। उन्होंने कहा कि 21 जून को सातवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के दौरान कोविड प्रोटोकॉल और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाए। मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा की उन्होंने कहा कि राज्य आयुष विश्वविद्यालय गोरखपुर के लिए जल्द डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराया जाए।
- Advertisement -
Sourcehindustan
- Advertisement -

Latest news

उत्तर प्रदेश में “टू चाइल्ड पॉलिसी” चुनावी स्टंट या वक्त की मांग

मसौदे में इस बात पर सिफारिश की गई है कि दो बच्चों की नीति का उल्लंघन करने वालों को स्थानीय निकायों के चुनाव में हिस्सा लेने की इजाजत नहीं देना, सरकारी नौकरी में आवेदन करने और प्रमोशन पर रोक लगाने जैसे मांग उठाना। साथ ही ये सुनिश्चित करना कि ऐसे लोगों को सरकार की ओर से मिलने वाले किसी भी लाभ से वंचित रखा जाए मौजूद है।

कोविड से मरने वालों के सरकारी आंकड़ो को आईना दिखाती, बीबीसी की विशेष पड़ताल

मुराद बानाजी ने बीबीसी से कहा कि वो ये मानते हैं कि देश भर में कोरोना की मौतें कम-से-कम पांच गुना कम करके बताई गईं।

महामारी से निपटने के लिए देश में तैयार किए जाएंगे एक लाख ‘कोरोना योद्धा’

कोरोना के खिलाफ लड़ाई को मजबूती प्रदान करने के लिए सरकार एक लाख से अधिक कोरोना योद्धा तैयार करेगी।...

जानिए किस आधार पर जारी होंगे 12वीं के परिणाम, क्या है सीबीएसई का 30-20-50 का फार्मूला

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के लिए बिना परीक्षा के 12वीं के परिणाम को जारी करना एक बड़ी चुनौती...
- Advertisement -

जानिए कोरोना की दूसरी लहर से इकोनाॅमी को हुआ कितना नुकसान, क्या है आरबीआई की रिपोर्ट

कोरोना की दूसरी लहर से देश की इकोनाॅमी को चालू वित्त वर्ष के दौरान अब तक दो लाख करोड़...

देश में वैक्सीन से पहली मौत की पुष्टि, क्या सच में घातक है कोरोना वैक्सीन

कोरोना वैक्सीन टीके के दुष्प्रभाव का अध्ययन कर रही सरकार की एक समिति ने टीकाकरण के बाद एनाफिलेक्सिस (जानलेवा...

Must read

उत्तर प्रदेश में “टू चाइल्ड पॉलिसी” चुनावी स्टंट या वक्त की मांग

मसौदे में इस बात पर सिफारिश की गई है कि दो बच्चों की नीति का उल्लंघन करने वालों को स्थानीय निकायों के चुनाव में हिस्सा लेने की इजाजत नहीं देना, सरकारी नौकरी में आवेदन करने और प्रमोशन पर रोक लगाने जैसे मांग उठाना। साथ ही ये सुनिश्चित करना कि ऐसे लोगों को सरकार की ओर से मिलने वाले किसी भी लाभ से वंचित रखा जाए मौजूद है।

कोविड से मरने वालों के सरकारी आंकड़ो को आईना दिखाती, बीबीसी की विशेष पड़ताल

मुराद बानाजी ने बीबीसी से कहा कि वो ये मानते हैं कि देश भर में कोरोना की मौतें कम-से-कम पांच गुना कम करके बताई गईं।

You might also likeRELATED
Recommended to you