Tag:mulayam singh yadav

हम अमित शाह लिख रहे हैं आप ‘चाणक्य’ समझ लेना, आपत्ति हो, तो पूरी खबर पढ़ लेना

'मोटा भाई' गज़ब! आज बस इत्ता ही लिखेंगे... ज्यादा बोलेंगे तो कहोगे बेमंटी करते हैं.

जब ये मुख्यमंत्री थीं तो गजब के नारे हुआ करते थे, मतलब कड़क प्रहार वो भी एक लाइन में!

राजनीति में नारे का महत्व समझने के लिए ये खबर झट से पढ़ डालें.

लोकसभा चुनाव से पहले ‘मुलायम’ का कठोर फैसला, बदल जाएगी सूबे की सियासत?

नई दिल्ली। सूबे की सियासत के बाद केंद्र की राजनीति में धमाकेदार एंट्री के लिए समाजवादी पार्टी ने आज शंखनाद कर दिया। इस दौरान...

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विवादित कृषि कानूनों की वापसी, ह्रदय परिवर्तन या यूपी इलेक्शन चुनाव को तैयारी

सरकार तीनो किसान कानूनो को वापस लेने के एक ही विधेयक पारित कर सकती है। बताया जा रहा है कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान इस विधेयक को पारित किया जा सकता है। बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र 29 नवंबर से शुरु हो रहे हैं।
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उत्तर प्रदेश में “टू चाइल्ड पॉलिसी” चुनावी स्टंट या वक्त की मांग

मसौदे में इस बात पर सिफारिश की गई है कि दो बच्चों की नीति का उल्लंघन करने वालों को स्थानीय निकायों के चुनाव में हिस्सा लेने की इजाजत नहीं देना, सरकारी नौकरी में आवेदन करने और प्रमोशन पर रोक लगाने जैसे मांग उठाना। साथ ही ये सुनिश्चित करना कि ऐसे लोगों को सरकार की ओर से मिलने वाले किसी भी लाभ से वंचित रखा जाए मौजूद है।

कोविड से मरने वालों के सरकारी आंकड़ो को आईना दिखाती, बीबीसी की विशेष पड़ताल

मुराद बानाजी ने बीबीसी से कहा कि वो ये मानते हैं कि देश भर में कोरोना की मौतें कम-से-कम पांच गुना कम करके बताई गईं।

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