Tag:coronavirus news in india

दिल्ली सरकार मेडिकल स्टाफ के परिवारों को 1 करोड़ रुपये देगी अगर वे कोविद -19 से लड़ते हुए मर जा रहे

दिल्ली के निज़ामुद्दीन में तब्लीगी जमात का आयोजन भारत में कोरोनोवायरस के खिलाफ लड़ाई की सबसे बड़ी चुनौती बन गया है, क्योंकि राज्यों में...

कोविद -19 मूल रूप से भारत की राजनीतिक अर्थव्यवस्था को बदल सकता है

भारत ने देश में कोविद -19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए, 25 मार्च से शुरू होने वाले 21-दिवसीय राष्ट्रीय तालाबंदी की घोषणा...

MHA का कहना है कि रेलवे ने पिछले 5 दिनों में आवश्यक वस्तुओं का परिवहन करने वाले 1.25 लाख वैगन चलाए

अकेले इटली में 10,000 से अधिक मौतों के साथ दुनिया भर में कोरोनावायरस महामारी के कारण 30,000 से अधिक लोगों की मौत हो गई...

भारत ने सामुदायिक प्रसार में देरी की है, सरकार ने कहा कि Covid-19 ke 724 पॉजिटिव केस पाए गए

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने आज कहा कि भारत में कोरोनावायरस के सामुदायिक संचरण में देरी हो सकती है। स्वास्थ्य मंत्रालय...

Latest news

विवादित कृषि कानूनों की वापसी, ह्रदय परिवर्तन या यूपी इलेक्शन चुनाव को तैयारी

सरकार तीनो किसान कानूनो को वापस लेने के एक ही विधेयक पारित कर सकती है। बताया जा रहा है कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान इस विधेयक को पारित किया जा सकता है। बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र 29 नवंबर से शुरु हो रहे हैं।
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उत्तर प्रदेश में “टू चाइल्ड पॉलिसी” चुनावी स्टंट या वक्त की मांग

मसौदे में इस बात पर सिफारिश की गई है कि दो बच्चों की नीति का उल्लंघन करने वालों को स्थानीय निकायों के चुनाव में हिस्सा लेने की इजाजत नहीं देना, सरकारी नौकरी में आवेदन करने और प्रमोशन पर रोक लगाने जैसे मांग उठाना। साथ ही ये सुनिश्चित करना कि ऐसे लोगों को सरकार की ओर से मिलने वाले किसी भी लाभ से वंचित रखा जाए मौजूद है।

कोविड से मरने वालों के सरकारी आंकड़ो को आईना दिखाती, बीबीसी की विशेष पड़ताल

मुराद बानाजी ने बीबीसी से कहा कि वो ये मानते हैं कि देश भर में कोरोना की मौतें कम-से-कम पांच गुना कम करके बताई गईं।

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सरकार तीनो किसान कानूनो को वापस लेने के एक ही विधेयक पारित कर सकती है। बताया जा रहा है कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान इस विधेयक को पारित किया जा सकता है। बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र 29 नवंबर से शुरु हो रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में “टू चाइल्ड पॉलिसी” चुनावी स्टंट या वक्त की मांग

मसौदे में इस बात पर सिफारिश की गई है कि दो बच्चों की नीति का उल्लंघन करने वालों को स्थानीय निकायों के चुनाव में हिस्सा लेने की इजाजत नहीं देना, सरकारी नौकरी में आवेदन करने और प्रमोशन पर रोक लगाने जैसे मांग उठाना। साथ ही ये सुनिश्चित करना कि ऐसे लोगों को सरकार की ओर से मिलने वाले किसी भी लाभ से वंचित रखा जाए मौजूद है।