चर्चा में ‘संबित’ ने वो कर दिया साबित जोकि कांग्रेस बहुतै...

‘संबित’ ने वो कर दिया साबित जोकि कांग्रेस बहुतै दिनों से कर रही थी!

-

अमित विक्रम ‘जलालपुरिया’

- Advertisement -

नई दिल्ली। राफेल मामले ने जबसे तूल पकड़ा है। तबसे भाजपाइयों को बड़ी मेहनत और मशक्कत करनी पड़ रही है। नहीं तो भाजपा बड़े ही आराम या यूँ कहें कि मदमस्त हाथी की तरफ लहराते हुए चुनावी माहौल की तरफ बढ़ रही थी।

राहुल गांधी

लेकिन अब कांग्रेस ने राफेल का मुद्दा उठाकर कहीं न कहीं BJP को बैकफुट पर खड़ा कर दिया है। और ये होना भी था! लेकिन भैया बीजेपी वाले भी बड़े ही समझदार हैं। वो भी एक से बढ़कर एक प्रवक्ताओं की फ़ौज कड़ी कर रखे हैं।

जोकि भाजपा को अपने जुबानी प्रहार रुपी ढाल से हमेशा बचाते रहते हैं। इस बार भी कुछ ऐसा ही किया है। और उस प्रवक्ता को राफेल के मुद्दे पर आर-पार करने के लिए मैदान में उतार दिया है।

जिसका नाम है। संबित पात्रा। यह नाम ही अपने आप में कांग्रेसियों के लिए सिरदर्द है। जोकि साबित होता भी दिख रहा है।

दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर राफेल मामले में झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को कहा कि पूरा गांधी परिवार भ्रष्ट है।

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने यहां मीडिया से कहा, ‘राहुल गांधी लगातार झूठ बोल रहे हैं। वह राष्ट्रीय सुरक्षा को मजाक बना रहे हैं। पूरा गांधी परिवार भ्रष्ट है और वे लोग दूसरों पर उंगली उठा रहे हैं?’

राहुल गांधी ने एक फ्रांसीसी वेबसाइट की ओर से राफेल लड़ाकू विमान के संबंध में ताजा खुलासे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘भ्रष्ट’ करार दिया और पद छोड़ने के लिए कहा, जिसके तुरंत बाद पात्रा ने यह टिप्पणी की।

पात्रा ने कहा कि ‘क्राउन प्रिंस’ राफेल के संबंध में अपने पास सभी प्रकार की जानकारी होने का दावा करते हैं।।। वह सर्वोच्च न्यायालय क्यों नहीं जाते?”

उन्होंने राहुल को चुनौती देते हुए कहा कि वह फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांदे द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को भ्रष्ट कहे जाने का सबूत पेश करें।

यह भी पढ़ें:-  जब मुलायम के ‘अमर’ की ‘मितरों’ ने सुनाई ‘गाथा’, और सब बोल पड़े वाह जी वाह!

पात्रा ने कहा, ‘उन्होंने (राहुल ने) कहा है कि फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ने भारतीय प्रधानमंत्री को भ्रष्ट कहा है। मैं राहुल गांधी को चुनौती देता हूं कि ऐसा कोई बयान पेश करें, जिसमें उन्होंने (ओलांद ने) ऐसा कुछ कहा हो। उन्होंने इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कहां किया है?”

तो कुल मिलाकर आपको दिवाली का पटाखा तो एक ही दिन सुनने को मिलता है। लेकिन सियासी हमले और पटाखें अपनी उपस्थिति हर मिनटों पर दर्ज कराते रहते हैं।

नमस्कार समाचार समाप्त… अब कुछ ऐसा करो जिससे देश का नाम रोशन हो, जिससे माता-पिता का भी नाम रोशन होगा।

- Advertisement -

Latest news

उत्तर प्रदेश में “टू चाइल्ड पॉलिसी” चुनावी स्टंट या वक्त की मांग

मसौदे में इस बात पर सिफारिश की गई है कि दो बच्चों की नीति का उल्लंघन करने वालों को स्थानीय निकायों के चुनाव में हिस्सा लेने की इजाजत नहीं देना, सरकारी नौकरी में आवेदन करने और प्रमोशन पर रोक लगाने जैसे मांग उठाना। साथ ही ये सुनिश्चित करना कि ऐसे लोगों को सरकार की ओर से मिलने वाले किसी भी लाभ से वंचित रखा जाए मौजूद है।

कोविड से मरने वालों के सरकारी आंकड़ो को आईना दिखाती, बीबीसी की विशेष पड़ताल

मुराद बानाजी ने बीबीसी से कहा कि वो ये मानते हैं कि देश भर में कोरोना की मौतें कम-से-कम पांच गुना कम करके बताई गईं।

महामारी से निपटने के लिए देश में तैयार किए जाएंगे एक लाख ‘कोरोना योद्धा’

कोरोना के खिलाफ लड़ाई को मजबूती प्रदान करने के लिए सरकार एक लाख से अधिक कोरोना योद्धा तैयार करेगी।...

जानिए किस आधार पर जारी होंगे 12वीं के परिणाम, क्या है सीबीएसई का 30-20-50 का फार्मूला

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के लिए बिना परीक्षा के 12वीं के परिणाम को जारी करना एक बड़ी चुनौती...
- Advertisement -

जानिए कोरोना की दूसरी लहर से इकोनाॅमी को हुआ कितना नुकसान, क्या है आरबीआई की रिपोर्ट

कोरोना की दूसरी लहर से देश की इकोनाॅमी को चालू वित्त वर्ष के दौरान अब तक दो लाख करोड़...

देश में वैक्सीन से पहली मौत की पुष्टि, क्या सच में घातक है कोरोना वैक्सीन

कोरोना वैक्सीन टीके के दुष्प्रभाव का अध्ययन कर रही सरकार की एक समिति ने टीकाकरण के बाद एनाफिलेक्सिस (जानलेवा...

Must read

उत्तर प्रदेश में “टू चाइल्ड पॉलिसी” चुनावी स्टंट या वक्त की मांग

मसौदे में इस बात पर सिफारिश की गई है कि दो बच्चों की नीति का उल्लंघन करने वालों को स्थानीय निकायों के चुनाव में हिस्सा लेने की इजाजत नहीं देना, सरकारी नौकरी में आवेदन करने और प्रमोशन पर रोक लगाने जैसे मांग उठाना। साथ ही ये सुनिश्चित करना कि ऐसे लोगों को सरकार की ओर से मिलने वाले किसी भी लाभ से वंचित रखा जाए मौजूद है।

कोविड से मरने वालों के सरकारी आंकड़ो को आईना दिखाती, बीबीसी की विशेष पड़ताल

मुराद बानाजी ने बीबीसी से कहा कि वो ये मानते हैं कि देश भर में कोरोना की मौतें कम-से-कम पांच गुना कम करके बताई गईं।

You might also likeRELATED
Recommended to you