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Wednesday, January 20, 2021

विवेक हत्याकाण्ड: सीएम योगी की पुलिस का ‘अचूक निशाना’! बेटी के बयान से कटघरे में प्रशासन

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सत्ता पर काबिज़ होने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने अगर किसी चीज़ को जड़ से ख़त्म करने का संकल्प लिया था, तो वो था। सूबे का क्राइम।

अखिलेश यादव

इस बात का शंखनाद वो हर एक मंच से करते आये हैं। इसके बाद से राज्य की पुलिस को जीतोड़ कामयाबी हासिल होने लगी। आलम ये हो गया कि गुंडे खुद-ब-खुद सरेंडर करने लग गये। या यूँ कहें कि आत्मसमर्पण के लाइन लगा दिए। क्योंकि योगी की पुलिस की सरसराती गोलियों से उनके अन्दर की सारी गुंडई निकल गई।

लेकिन इन सब पर वाह-वाही के बाद पुलिसिया कार्रवाई और उनके चरित्र पर कई सवाल भी उठे। जिन्हें उस समय पूरी तरीके से डिफेंड किया गया।

लेकिन अब सीएम योगी की गोलीमार पुलिस ने मानों ठान ही लिया है कि हफ्ते में एकबार गोली तो चलाएंगे ही। भले ही क्रिमिनल पर चले या ‘आम आदमी’ पर।

ये बात हम नहीं बल्कि। पीड़ित परिवार अपने ज़िन्दगी के टुकड़े को खोने के बाद बोल रहे हैं।

ऐसा ही कुछ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके गोमती नगर विस्तार में शुक्रवार देर रात हुआ। जहां पुलिस कॉन्स्टेबल प्रशांत चौधरी ने एप्पल के सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी को गोली मार दी थी, जिसके चलते उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद आरोपी पुलिस कर्मी को नौकरी से निकाल दिया गया है।

इस मामले में मृतक का परिवार लगातार पुलिस पर सवाल उठा रहा है। मृतक की पत्नी कल्पना तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मेरे पति का तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। जब तक मुख्यमंत्री उनसे मुलाकात नहीं करते। पीड़ित परिवार ने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। साथ ही एक करोड़ रुपये का मुआवजा मांगा है।

कल्पना ने कहा कि अगर मेरे पति किसी संदिग्ध हालत में थे भी तो भी पुलिस को कोई हक नहीं कि वो मेरे पति को गोली मारे।

अगर विवेक ने पुलिस के कहने पर गाड़ी नहीं रोकी, तो आरटीओ दफ्तर जाकर उनकी गाड़ी का नंबर नोट करके उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए थी। पुलिस ने आखिर उन्हें गोली क्यों मारी? क्या वो कोई आतंकवादी थे।

कल्पना के मुताबिक, ‘मैं सना (जो उस समय विवेक के साथ गाड़ी में मौजूद थीं) को जानती हूं। जो उस समय मेरे पति के साथ मौजूद थी। कल्पना ने बताया कि अस्पताल के एक कर्मचारी ने फोन पर मुझे जानकारी दी कि आपके पति और उनके साथ मौजूद महिला को चोट लगी है।

आखिर पुलिस ने मुझे इस बात की जानकारी क्यों नहीं दी?’ वहीं, विवेक के रिश्तेदार विष्णु शुक्ला ने पूछा कि क्या विवेक आतंकवादी थे। जो पुलिस ने उन पर फायरिंग की? इसके साथ ही इस मामले में उन्होंने निष्पक्ष सीबीआई जांच की मांग की है।

बेटी ने लगाई इंसाफ की गुहार

शूटआउट में मारे गए विवेक तिवारी  की मासूम बेटी प्रियांशी ने इंसाफ की गुहार लगाई है। प्रियांशी ने कहा कि उनके पापा की हत्या कर दी गई और प्रशासन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय हमारे परिवार पर दबाव बना रहा है।

कक्षा सात की छात्रा प्रियांशी ने आरोप लगाया, ‘पापा की हत्या के बाद डीएम घर आए थे और मम्मी पर चिल्ला रहे थे। वे चुप रहने का दबाव बना रहे थे।’ प्रियांशी के दिल में अपने पिता की हत्या को लेकर जबरदस्त गुस्सा है।

जब प्रियांशी से पूछा गया कि आखिर बार पापा विवेक तिवारी से कब बात हुई थी, तो उसने कहा कि शुक्रवार सुबह 11 बजे पापा से बात हुई थी। मैं एग्जाम देकर आई थी, तो वो पापा ने पूछा था कि एग्जाम कैसा गया?

मासूम ने मांग की कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके घर आएं और बाते करें। पीड़िता ने आरोप लगाया, ‘पुलिस हमारे परिवार पर लगातार दबाव बना रही है। हमारे परिवार ने एक करोड़ रुपये और सरकारी नौकरी की मांग की है, उसको भी नहीं माना जा रहा है। अधिकारी हर पल फैसला बदल रहे हैं।’

सीएम योगी इस्तीफ़ा दें- अखिलेश यादव

लखनऊ शूटआउट के बाद सियासत गरमा गई है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ने मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का इस्तीफा मांगा है।

अखिलेश यादव

उन्होंने इस पूरी घटना के लिए यूपी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। इस घटना को लेकर कांग्रेस नेता राज बब्बर ने मुख्यमंत्री योगी पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस गोलीकांड को लेकर मुख्यमंत्री को शर्म आनी चाहिए। सीएम योगी ने पुलिस की वर्दी में गुंडों की फौज पाल रखी है।

इसके अलावा आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने पूछा कि बीजेपी के लोग हिंदुस्तान को क्या बनाना चाहते हैं? उन्होंने कहा कि योगी जी के राज में घबराइए कि आप लखनऊ में है।

सना ने बताया- क्या हुआ था

घटना के वक्त विवेक के साथ गाड़ी में मौजूद सहकर्मी सना खान ने बताया कि, ‘मैं विवेक के साथ घर जा रही थी। गोमती नगर विस्तार के पास हमारी गाड़ी पहुंची थी, तभी दो पुलिसवाले सामने से आए। पीछे वाले के हाथ में लाठी थी और आगे वाले के पास गन। पीछे वाला पहले उतर गया और आगे वाले ने हमारी गाड़ी के किनारे गाड़ी खड़ी कर दी।’

उन्होंने बताया, ‘दोनों दूर से चिल्ला रहे थे। हमने उनसे बचकर निकलने की कोशिश की और उनके आगे के पहिए से हमारी गाड़ी टकराई। लेकिन तभी अचानक उन्होंने गोली चला दी। हमने वहां से गाड़ी आगे बढ़ाई। गोली विवेक सर की चिन पर लगी।

जब तक होश था उन्होंने गाड़ी चलाई और बाद में गाड़ी अंडरपास में खंबे से टकरा गई और विवेक सर का काफी खून बहने लगा। मैंने सबसे मदद लेने की कोशिश की। एंबुलेंस के आने में देर हो रही थी। थोड़ी देर में वहां पुलिस आई, जिसने हमें अस्पताल पहुंचाया। बाद में जानकारी मिली कि विवेक की मौत हो चुकी है।’

आरोपी कॉन्स्टेबल बोला- बचाव में चलाई गोली

इस घटना के आरोपी प्रशांत चौधरी का कहना है कि रात 2 बजे मुझे एक संदिग्ध कार दिखी जिसकी लाइट बंद थी, जब मैंने कार की तलाशी लेनी चाही तो विवेक ने तीन बार मुझे गाड़ी से मारने की कोशिश की, जिसके बाद अपने बचाव में मुझे फायरिंग करनी पड़ी।

विवेक हत्याकाण्ड

राजनाथ सिंह ने योगी को किया फ़ोन

बता दें इस मामले को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डीजीपी से बात की है। इस पर सीएम योगी ने उनको आश्वासन दिया कि मामले में प्रभावी ढंग से जांच की जाएगी।


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