अनेक विचार जिंदगी में नई चीजें सीखने के लिए जरूरी है...

जिंदगी में नई चीजें सीखने के लिए जरूरी है ‘छोटे ब्रेक’

अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के शोधकर्ताओं के अध्ययन में सामने आया है कि थोड़े आराम के बाद मस्तिष्क और तेजी से सीखता है नए कार्य।

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अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के शोधकर्ताओं के अध्ययन में सामने आया है कि थोड़े आराम के बाद मस्तिष्क और तेजी से सीखता है नए कार्य।

Everything you need to know to pass a typing test - Aptitude-test.comब्रह्मांड के कई गूढ़ रहस्य पर से पर्दा उठाने वाला इंसानी दिमाग अपने आप में इतना बड़ा रहस्य है कि विज्ञानी इसे जानने और समझने का निरंतर प्रयास करते रहते हैं। इसी दिशा में अध्ययन करते हुए शोधकर्ताओं ने पता लगाया है कि कैसे इसकी क्षमता को और बढ़ाया जा सकता है, और कैसे नई चीजें आसानी से सीखी जा सकती हैं। दरअसल, अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (एनआईएच) के शोधकर्ताओं ने कोई नया स्किल (कौशल) जैसे पियानो आदि पर नया गाना सीखते समय या टाइपिंग करते समय मस्तिष्क की गतिविधियों का अध्ययन किया। शोधकर्ताओं ने पाया कि प्रैक्टिस के दौरान छोटे ब्रेक लेने से व्यक्ति उस कार्य को और अच्छे तरीके से सीख सकता है।

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शोधकर्ताओं ने इसके लिए वॉलिंटियर्स पर एक प्रयोग किया। इस दौरान देखा गया कि वॉलिंटियर्स ने जितनी बार ब्रेक लेने के बाद अपने कार्य को दोहराया यानी प्रैक्टिस की उतनी बार और बेहतर होते गए। शोधकर्ताओं ने पाया कि प्रैक्टिस के दौरान छोटे-छोटे ब्रेक वॉलिंटियर्स के लिए मददगार साबित हुए। अध्ययन के आधार पर शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया कि किसी नए कार्य को सीखने के दौरान मस्तिष्क को दिए जाने वाले छोटे ब्रेक याददाश्त बढ़ाते हैं।

Your State of Mind is One of Your Most Priceless Assets | by Srinivas Rao | Mission.org | Mediumयह अध्ययन नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर एंड स्ट्रोक के एमडी व सीनियर इन्वेस्टिगेटर और इस अध्ययन के प्रमुख लेखक लियोनार्डो जी. कोहेना की टीम ने एनआईएच क्लीनिकल सेंटर में एक प्रयोग किया। इसके लिए मैग्नेटोएंसेफलोग्राफी नामक बेहद संवेदनशील स्कैनिंग तकनीक का प्रयोग 33 स्वस्थ मस्तिष्क वाले व सीधे हाथ से काम करने वाले वॉलिंटियर्स की दिमागी गतिविधियों को रिकॉर्ड करने के लिए किया। प्रयोग के दौरान शोधकर्ताओं ने वॉलिंटियर्स को 5 अंकों के कोड को याद करने और उसे बाएं हाथ से टाइप करने को कहा। इस दौरान उन्हें एक कुर्सी पर बैठाकर स्कैनर की निगरानी में रखा। प्रयोग के लिए वॉलिंटियर्स को स्क्रीन पर एक कोड ‘41234’ दिखाया गया और कहा गया कि इसे 10 सेकंड में बाएं हाथ से जितनी बार हो सके टाइप करें। इसके बाद 10 सेकंड का ब्रेक ले। वॉलिंटियर्स से इसी कार्य को बार-बार दोहराने को कहा गया। अभ्यास, फिर आराम। फिर अभ्यास और फिर आराम। एक सेशन के दौरान ऐसा 35 बार किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि 11 बार के बाद उनकी स्मरण शक्ति में इजाफा होने लगा और वह बाएं हाथ से कोड को अधिक बार लिखने लगे।

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