चर्चा में जानिए क्या है राम मंदिर ट्रस्ट के घोटाले की...

जानिए क्या है राम मंदिर ट्रस्ट के घोटाले की पूरी कहानी

अयोध्या में बन रहे भगवान राम के भव्य मंदिर के लिए खरीदी गई जमीन पर विवाद तेजी पकड़ रहा है। राम मंदिर ट्रस्ट के ऊपर करोड़ों का घोटाला करने का आरोप लगाया जा रहा है।

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अयोध्या में बन रहे भगवान राम के भव्य मंदिर के लिए खरीदी गई जमीन पर विवाद तेजी पकड़ रहा है। राम मंदिर ट्रस्ट के ऊपर करोड़ों का घोटाला करने का आरोप लगाया जा रहा है।

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Vhp Claims No Corruption In Ram Mandir Trust Land Deal, Opposition Is  Politising Dur To Upcoming Up Election - विहिप का दावा: राम मंदिर ट्रस्ट  में घोटाले का आरोप लगाने के लिए

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह व समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री तेज नारायण पाण्डेय पवन ने रविवार यानी 13 जून को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ऊपर जमीन खरीद के नाम पर करोड़ों का घोटाला करने के आरोप लगाए हैं। दोनों नेताओं के आरोप हैं की दो करोड़ रुपए की जमीन को साढ़े 18 करोड़ में खरीदा गया। दोनों नेताओं ने मामले की सीबीआई व ईडी जांच कराने की मांग की है। संजय सिंह ने जहां लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और दस्तावेज पेश किये वहीं पवन पाण्डेय ने अयोध्या में पत्रकारों के सामने आरोप लगाए।

संजय सिंह व तेज नारायण पाण्डेय ने अयोध्या में गाटा संख्या 243, 244 व 246 की जमीन के कागज दिखाते हुए कहा कि इसकी कीमत 5.80 करोड़ रुपये है लेकिन इसे 2 करोड़ रुपए में कुसुम पाठक और हरीश पाठक से सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी ने खरीदा। इस जमीन खरीद में अनिल मिश्रा और अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय गवाह बने। चंद मिनट बाद यह जमीन राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने 18.5 करोड रुपए में खरीदी। इस तरह लगभग साढ़े 5 लाख रूपये प्रति सेकेंड की दर से जमीन का दाम बढ़ गया। जो अनिल मिश्रा और ऋषिकेश उपाध्याय पहली बार जमीन खरीद में गवाह थे वही ट्रस्ट के बैनामे में भी गवाह हैं। तेज नारायण पाण्डेय ने कहा कि यह मनी लॉन्ड्रिंग का मामला है। जो जमीन मंदिर ट्रस्ट ने खरीदी उसके एग्रीमेंट के लिए स्टांप 5.11 बजे पर खरीदा गया, और रवि मोहन तिवारी ने जो जमीन हरीश पाठक से खरीदी उसके लिए ईस्टाम 5.22 बजे खरीदा गया।

आखिर ट्रस्ट ने स्टाम्प पहले कैसे खरीद लिया? किसी भी ट्रस्ट में जमीन खरीद के लिए बोर्ड की मीटिंग करके प्रस्ताव पास किया जाता है। तेज नारायन पाण्डेय ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट से लोगों की धार्मिक आस्था व विश्वास जुड़ा है। लेकिन ट्रस्ट के पदाधिकारी लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे हैं।

SourceHindustan
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