न्यूज़ देश जानिए किडनी को किस तरह नुकसान पहुंचा रहा कोरोना

जानिए किडनी को किस तरह नुकसान पहुंचा रहा कोरोना

कोरोना की दूसरी लहर में किडनी रोगियों को खासतौर पर सतर्क रहने की जरूरत है।

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कोरोना की दूसरी लहर में किडनी रोगियों को खासतौर पर सतर्क रहने की जरूरत है। सार्स-कोव-2 वायरस से संक्रमित होकर अस्पताल पहुंचने वाले लगभग 25 से 30 फीसदी मरीजों में किडनी व मूत्र संबंधी विकार दर्ज होना इसकी मुख्य वजह है। सफदरजंग अस्पताल में नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रोफेसर हिमांशु वर्मा के मुताबिक कोरोना की वजह से ग्लोमेरूलो नेफ्राइटिस की समस्या सामने आ रही है। हालांकि मरीजों को सतर्क हो जाने और फौरन डॉक्टर से संपर्क करने में ही भलाई है।

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सार्स-कोव-2 वायरस फेफड़ों के जरिए रक्तवाहिकाओं में पहुंचकर किडनी सहित विभिन्न अंगों को प्रभावित कर सकता है। आईसीयू में भर्ती 5% मरीज एक्यूट किडनी फेलियर तक के शिकार हो रहे हैं। इनमें उन्हें डायलिसिस पर रखने की जरूरत पड़ती है। ऐसे मरीजों में कोरोना से दम तोड़ने की आशंका भी अधिक पाई गई है।

डॉक्टरों का कहना है कि पहले से किडनी के मरीज जो स्थिर थे, पर कोरोना के दौरान उनकी किडनी पर असर पड़ा। उन्हें भी गंभीर अवस्था में जाने से रोका जा सकता है बशर्ते वह घबराए नहीं और सही इलाज लें। समय रहते सही इलाज मिलने पर 80 साल तक की उम्र के ऐसे मरीज भी ठीक हो कर घर लौटे हैं जिन्हें किडनी की गंभीर बीमारी थी।

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डॉक्टरों का कहना है कि सार्स-कोव-2 वायरस की जद में आए कुछ ऐसे लोग जो पहले से किडनी के मरीज थे उनमें से बहुत कम को कोरोना से पूरी तरह से डायलिसिस पर निर्भर होना पड़ता है। कुछ मामलों में पेशाब में वायरस मिलना यह दर्शाता है कि संक्रमण किडनी में भी पहुंच सकता है। हालांकि, ऐसा बहुत कम मरीजों में होता है

कोरोना के इलाज में इस्तेमाल होने वाले स्टेरॉयड किडनी को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। हालांकि, इनके इस्तेमाल से ब्लड शुगर का स्तर अनियंत्रित हो सकता है। बढ़ा हुआ ब्लड शुगर किडनी के लिए कितना नुकसान दायक है यह बात किसी से छिपी नहीं है। ऐसे में अगर किडनी रोगी हैं और कोरोना की चपेट में आ जाते हैं तो डॉक्टर से राय-मशवरा के बाद ही स्टेरॉइड लें।

क्या करें और क्या ना करें-

  • घर से बाहर निकलने से बचें।
  • डॉक्टरी सलाह के लिए ऑडियो या वीडियो कॉल का सहारा लें।
  • डायलिसिस कराने वाले मरीज अस्पताल में हर समय मास्क, दस्ताने, सर्जिकल कैप पहने रहें।
  • अस्पताल में कुछ भी खाने से बचें।
  • घर लौट कर कपड़े बदले और साबुन से हाथ धोने के बाद ही कुछ खाएं।
  • पेनकिलर के सेवन से बचें।
  • किडनी रोगी कोरोना होने पर किडनी फंक्शन टेस्ट करवाएं।
  • दर्द-बुखार होने पर पेरासिटामाॅल लें।
  • ब्लड शुगर और रक्तचाप नियंत्रण रखें।
  • नमक के सेवन में कमी लाएं।
  • आयुर्वेदिक दवाओं से परहेज करें।
  • कोविड टीका लगवाने में देरी ना करें।
SourceHindustan
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