न्यूज़ देश देश में 3 साल में इथेनॉल उत्पादन दोगुना करने...

देश में 3 साल में इथेनॉल उत्पादन दोगुना करने का लक्ष्य, जानिए क्या है पूरी नीति

मोदी सरकार ने 22 राज्यों में 422 इथेनॉल संयंत्र लगाने के प्रस्तावों को दी मंजूरी

-

एथेनॉल उत्पादन की प्रोत्साहन योजना के मद्देनजर देश के 22 राज्यों में 422 एथेनॉल उत्पादन संयंत्र स्थापित करने के आवेदनों को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। साथ ही इन राज्यों में तेल कंपनियां भी अपने प्लांट स्थापित करने को तैयार हैं। इससे पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की योजना को बल मिलेगा। गन्ने के साथ अब खाद्यान्न आधारित एथेनॉल उत्पादन संयंत्र को बढ़ावा दिया जा रहा है।  इसके लिए निवेशकों को विशेष रियायतें दी जाएंगी। मक्का व चावल आधारित एथेनॉल उत्पादन से किसानों को सुनिश्चित लाभ होने का रास्ता खुल जाएगा। तीन वर्षों में दोगुना होगा एथनॉल उत्पादन, 22 राज्यों में 422 एथनॉल संयंत्र लगाने के प्रस्तावों को मंजूरीकेंद्रीय खाद सचिव सुधांशु पांडे ने बताया कि गैर एथेनॉल उत्पादक राज्यों में नए संयंत्र लगाने की तरजीह दी जाएगी ताकि इथेनॉल की ढुलाई का खर्च बचाया जा सके। फिलहाल उत्तर प्रदेश महाराष्ट्र और कर्नाटक में 80 फीसद एथेनॉल का उत्पादन हो रहा है। स्थानीय स्तर पर खाद्यान्न आधारित एथनॉल उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि वहां के किसानों को इसका लाभ प्राप्त हो सके।

सुधांशु पांडेय ने बताया कि नये संयंत्रों की स्थापना से कुल 41000 करोड़ रुपए के निवेश की संभावना है। जिससे ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। पेट्रोलियम उत्पादों पर आयात निर्भरता घटेगी और इससे 30000 करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा की बचत होगी। इसका सीधा लाभ स्थानीय किसानों को प्राप्त होगा। एथेनॉल उत्पादन में कुल 1.65 करोड़ टन खाद्यान्न की खपत होगी जिससे उम्दा किस्म का प्रोटीनयुक्त पोल्ट्री फीड और पशु चारा प्राप्त होगा। मक्का उत्पादक राज्यों को इसका सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा। मक्के के कुल उत्पादन का 60% हिस्सा पशु चारा बनाने में जाता है जो अब एथेनॉल संयंत्रों से प्राप्त होगा।
सेल्यूलोसिक इथेनॉल अर्थशास्त्र | HiSoUR कला संस्कृति का इतिहास
खाद मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुबोध कुमार सिंह ने बताया कि 2023 में पेट्रोल में राष्ट्रीय स्तर पर (ई-20) 20 फीसद एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसके लिए सभी पक्षकारों ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। बीआईएस ने ई-12 और ई-15 के मानक पहले ही जारी कर दिए हैं। वाहनों के इंजन में ई-12 तक में कोई संशोधन नहीं करना पड़ेगा। लेकिन पेट्रोल में इससे अधिक एथेनॉल होने की दशा में इंजनों के बदलाव की जरूरत होगी।
सचिन पांडेय ने कहा कि निर्धारित समय से पहले ही वाहनों के इंजन में जरूरी बदलाव कर लिए जाएंगे। इसके लिए उन्हें पर्याप्त समय दे दिया गया है। 2025 तक 1,016 करोड़ लीटर एथनॉल उत्पादन की जरूरत होगी। गन्ने के साथ मक्का और चावल से तैयार एथेनॉल की हिस्सेदारी में इस लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
- Advertisement -
- Advertisement -

Latest news

उत्तर प्रदेश में “टू चाइल्ड पॉलिसी” चुनावी स्टंट या वक्त की मांग

मसौदे में इस बात पर सिफारिश की गई है कि दो बच्चों की नीति का उल्लंघन करने वालों को स्थानीय निकायों के चुनाव में हिस्सा लेने की इजाजत नहीं देना, सरकारी नौकरी में आवेदन करने और प्रमोशन पर रोक लगाने जैसे मांग उठाना। साथ ही ये सुनिश्चित करना कि ऐसे लोगों को सरकार की ओर से मिलने वाले किसी भी लाभ से वंचित रखा जाए मौजूद है।

कोविड से मरने वालों के सरकारी आंकड़ो को आईना दिखाती, बीबीसी की विशेष पड़ताल

मुराद बानाजी ने बीबीसी से कहा कि वो ये मानते हैं कि देश भर में कोरोना की मौतें कम-से-कम पांच गुना कम करके बताई गईं।

महामारी से निपटने के लिए देश में तैयार किए जाएंगे एक लाख ‘कोरोना योद्धा’

कोरोना के खिलाफ लड़ाई को मजबूती प्रदान करने के लिए सरकार एक लाख से अधिक कोरोना योद्धा तैयार करेगी।...

जानिए किस आधार पर जारी होंगे 12वीं के परिणाम, क्या है सीबीएसई का 30-20-50 का फार्मूला

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के लिए बिना परीक्षा के 12वीं के परिणाम को जारी करना एक बड़ी चुनौती...
- Advertisement -

जानिए कोरोना की दूसरी लहर से इकोनाॅमी को हुआ कितना नुकसान, क्या है आरबीआई की रिपोर्ट

कोरोना की दूसरी लहर से देश की इकोनाॅमी को चालू वित्त वर्ष के दौरान अब तक दो लाख करोड़...

देश में वैक्सीन से पहली मौत की पुष्टि, क्या सच में घातक है कोरोना वैक्सीन

कोरोना वैक्सीन टीके के दुष्प्रभाव का अध्ययन कर रही सरकार की एक समिति ने टीकाकरण के बाद एनाफिलेक्सिस (जानलेवा...

Must read

उत्तर प्रदेश में “टू चाइल्ड पॉलिसी” चुनावी स्टंट या वक्त की मांग

मसौदे में इस बात पर सिफारिश की गई है कि दो बच्चों की नीति का उल्लंघन करने वालों को स्थानीय निकायों के चुनाव में हिस्सा लेने की इजाजत नहीं देना, सरकारी नौकरी में आवेदन करने और प्रमोशन पर रोक लगाने जैसे मांग उठाना। साथ ही ये सुनिश्चित करना कि ऐसे लोगों को सरकार की ओर से मिलने वाले किसी भी लाभ से वंचित रखा जाए मौजूद है।

कोविड से मरने वालों के सरकारी आंकड़ो को आईना दिखाती, बीबीसी की विशेष पड़ताल

मुराद बानाजी ने बीबीसी से कहा कि वो ये मानते हैं कि देश भर में कोरोना की मौतें कम-से-कम पांच गुना कम करके बताई गईं।

You might also likeRELATED
Recommended to you