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जानिए दर्शकों के लिए क्यों बंद कर दिया गया लखनऊ का कुकरैल पिकनिक स्पॉट

लखनऊ का कुकरैल पिकनिक स्पॉट बनेगा लायन सफारी

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लखनऊ का कुकरैल पिकनिक स्पॉट दर्शकों के लिए हमेशा के लिए बंद कर दिया गया है। अब यहां पर रिसर्च सेंटर और लायन सफारी बनाने की योजना है। कुकरैल प्रजनन केंद्र देश का पहला सफल केंद्र है जहां घड़ियाल और कछुए के अंडे लाकर बच्चे पैदा किए जाते हैं। इन्हें 3 साल तक पालने के बाद नदियों में सफाई के लिए छोड़ दिया जाता है। अब इसे रिसर्च सेंटर बनाने की तरफ कदम उठाया गया है।

UP Government is set to establish safari for animals in Lucknow
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10 एकड़ में फैले कुकरैल संरक्षित क्षेत्र की स्थापना 1978 में हुई थी। जहां शुरुआत में सिर्फ घड़ियाल प्रजनन केंद्र था। 1989 में पिकनिक फिल्म आने के बाद इसे कुकरैल पिकनिक स्पॉट नाम दिया गया और दर्शकों के लिए खोल दिया गया। यहां रोजाना 400 से 500 और खास मौकों पर डेढ़ हजार तक दर्शक आते रहे हैं। अंतिम बार होली के मौके पर 31 मार्च 2021 को 487 दर्शक आए थे। इसके बाद कोरोनावायरस फैलने के बाद दर्शकों के आने पर रोक लगा दी गई। डीएफओ रवि कुमार सिंह का कहना है कि कुकरैल पिकनिक स्पॉट को इटावा की लायन सफारी की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। जिसका डीपीआर बन गया है। इसके लिए शासन से 200 करोड़ रुपए का बजट मांगा गया है। यहां 22 बाघ, 30 हिरन, 25 लेपर्ड और 15 भालू लाए जाएंगे।

इस वीकेंड जाइए लखनऊ के `कुकरैल पिकनिक स्पॉट` | LUCKNOW | NYOOOZ HINDI

यहां पर बायोडायवर्सिटी पार्क बनेगा जिसमें लुप्त हो रहे जीव जंतु और दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों को रखा जाएगा। पार्क में 11 जगह पिकअप प्वाइंट बनाए जाएंगे। आने वाले दिनों में दर्शक बस के जरिए इस पार्क में घूम सकेंगे।

कुकरेल संरक्षित वन क्षेत्र के उप मुख्य वन जीव प्रतिपालक अबु अरशद खान का कहना है कि कुकरैल वन क्षेत्र को नए सिरे से विकसित करने की तैयारी है। जहां वन्यजीवों पर शोध होगा। कोरोना वायरस को देखते हुए दर्शकों के आने पर हमेशा के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है।

Sourcehindustan
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