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लोकसभा चुनाव से पहले ‘मुलायम’ का कठोर फैसला, बदल जाएगी सूबे की सियासत?

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नई दिल्ली। सूबे की सियासत के बाद केंद्र की राजनीति में धमाकेदार एंट्री के लिए समाजवादी पार्टी ने आज शंखनाद कर दिया। इस दौरान पार्टी के संस्थापक और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव भी मौजूद रहे।

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अखिलेश यादव

दरअसल, समाजवादी पार्टी की ‘सामाजिक न्याय व लोकतंत्र बचाओ’ का रविवार को दिल्ली के जंतर मंतर आकर समापन हो गया। बीते 27 अगस्त को गाजीपुर से शुरू हुई इस यात्रा के दौरान पार्टी के युवा कार्यकर्ताओं ने दिल्ली तक साइकिल का सफर तय किया।

यह साइकिल रैली कई मायनों में बेहद खास रही। जिसमें पिता-पुत्र का मिलन। और मंच साझा करना समर्थकों के लिए सजीवनी साबित हो सकती है।

नेता जीका हाथ बेटे के साथ

शिवपाल यादव के ‘सेकुलर मोर्चा’ की टिकट पर चुनाव लड़ने के कयासों के बीच मुलायम सिंह ने यह साफ कर दिया कि वह समाजवादी पार्टी और अपने बेटे अखिलेश के ही साथ हैं।

उन्होंने युवाओं के इस कार्यक्रम में न सिर्फ शिरकत की बल्कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र भी दिया। अखिलेश ने भी कार्यकर्ताओं और पार्टी की ओर से मुलायम सिंह का आभार जताया।

मुलायमका कठोर वचन

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुलायम सिंह ने कहा कि आज के दौरे में दिल्ली से लेकर लखनऊ तक सत्ताधारी नेता पैसा कमाने और जमीन की लूट में लगे हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि अब समाजवादी पार्टी कभी बूढ़ी नहीं होगा क्योंकि आप लोग इतनी बड़ी तादाद में यहां जमा हुए हैं।

मुलायम सिंह ने कहा कि पार्टी में महिलाओं को आगे लाने की जरूरत है। ताकि घर-घर तक जनाधार बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि आज देश का किसान, मजदूर, गरीब परेशान है, बीजेपी ने 15 लाख देने का झांसा देकर जनता के वोट ले लिया।

अखिलेश यादव का पीएम मोदी पर कड़ा प्रहार

उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम और पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी ने हमेशा से देश को रास्ता दिखाया है और 2019 में भी पार्टी यही काम करेगी।

उन्होंने कहा कि बीजेपी ने जो वादे किए थे उनका क्या हुआ? यूपी से जो (नरेंद्र मोदी) चुनाव लड़े थे। उन्होंने कालाधन और नोटबंदी से भ्रष्टाचार खत्म करने की बात कही थी, लेकिन जमीन पर कुछ हुआ नहीं।

अखिलेश यादव

नोटबंदी और जीएसटी से नौकरियां खत्म हो गईं। किसानों की आत्महत्या रुकी नहीं, किसान खेती छोड़ मजदूरी करने पर मजबूर हैं। लेकिन जब सवाल पूछो तो कहते हैं कि नाली के पाइस से गैस जलाकर कर पकौड़े बना लो।

अखिलेश ने कहा कि हमेशा समाजवादियों पर भेदवाभ के झूठे आरोप लगते रहते हैं लेकिन आज यूपी के थानों में जाति पूछकर कार्रवाई की जाती है। यही नहीं संस्थाओं में खास जाति के लोग भरे जा रहे हैं और इलाज तक जाति पूछकर किया जा रहा है।

हमारे मुख्यमंत्री कहते हैं कि किसान गन्ना कम उगाएं क्योंकि इससे शुगर की बीमारी होती है, वो कहते हैं कि हनुमान चालीस पढ़कर बंदर भगाएं, लेकिन अब सपा के युवा ने साइकिल उठा ली है, कौन भागेगा ये जल्दी पता चल जाएगा।

वाकई में समाजवादी पार्टी के मुखिया की यह बात देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सोचने पर मजबूर कर सकती है।

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