चर्चा में पीएम मोदी ने सर्वदलीय बैठक में कोरोनोवायरस लॉकडाउन का...

पीएम मोदी ने सर्वदलीय बैठक में कोरोनोवायरस लॉकडाउन का संकेत देते हुए कहा, यह एक लंबी लड़ाई है

-

प्रधान मंत्री मोदी ने बुधवार को संकेत दिया कि सभी संभावना में केंद्र 14 अप्रैल को समाप्त होने वाले राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन का विस्तार करेगा।

- Advertisement -

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सर्वदलीय बैठक में, प्रधान मंत्री मोदी ने विपक्षी नेताओं और राज्यों के नेताओं से कहा कि यह एक लंबी लड़ाई है।

सूत्रों ने कहा कि पीएम मोदी ने 24 मार्च को घोषित तालाबंदी को आगे बढ़ाने का संकेत दिया है। भारत को 21 दिनों की अवधि के लिए कोरोनोवायरस महामारी पर पूर्ण तालाबंदी के लिए रखा गया था।

हालाँकि, कोरोनोवायरस के मामलों की संख्या में वृद्धि जारी है और मौतें लगातार बढ़ रही हैं, कई राज्य सरकारों और विशेषज्ञों ने लॉकडाउन के विस्तार के लिए धक्का दिया।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत हुई। इस बैठक में पीएम मोदी के अलावा राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार शामिल थे।

सूत्रों ने कहा, इन नेताओं को विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों- स्वास्थ्य, घर और ग्रामीण विकास — द्वारा COVID-19 से निपटने और लॉकडाउन से उत्पन्न कठिनाइयों को कम करने के लिए किए गए कार्यों पर जानकारी दी गई।

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि वह लॉकडाउन पर अंतिम फैसला लेने के लिए राज्य के मुख्यमंत्रियों से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता आपके सीएम से बात करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि कैसे कोविद -19 के खिलाफ लड़ाई ने देश को एकजुट किया है।

- Advertisement -

Latest news

विवादित कृषि कानूनों की वापसी, ह्रदय परिवर्तन या यूपी इलेक्शन चुनाव को तैयारी

सरकार तीनो किसान कानूनो को वापस लेने के एक ही विधेयक पारित कर सकती है। बताया जा रहा है कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान इस विधेयक को पारित किया जा सकता है। बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र 29 नवंबर से शुरु हो रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में “टू चाइल्ड पॉलिसी” चुनावी स्टंट या वक्त की मांग

मसौदे में इस बात पर सिफारिश की गई है कि दो बच्चों की नीति का उल्लंघन करने वालों को स्थानीय निकायों के चुनाव में हिस्सा लेने की इजाजत नहीं देना, सरकारी नौकरी में आवेदन करने और प्रमोशन पर रोक लगाने जैसे मांग उठाना। साथ ही ये सुनिश्चित करना कि ऐसे लोगों को सरकार की ओर से मिलने वाले किसी भी लाभ से वंचित रखा जाए मौजूद है।

कोविड से मरने वालों के सरकारी आंकड़ो को आईना दिखाती, बीबीसी की विशेष पड़ताल

मुराद बानाजी ने बीबीसी से कहा कि वो ये मानते हैं कि देश भर में कोरोना की मौतें कम-से-कम पांच गुना कम करके बताई गईं।

महामारी से निपटने के लिए देश में तैयार किए जाएंगे एक लाख ‘कोरोना योद्धा’

कोरोना के खिलाफ लड़ाई को मजबूती प्रदान करने के लिए सरकार एक लाख से अधिक कोरोना योद्धा तैयार करेगी।...
- Advertisement -

जानिए किस आधार पर जारी होंगे 12वीं के परिणाम, क्या है सीबीएसई का 30-20-50 का फार्मूला

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के लिए बिना परीक्षा के 12वीं के परिणाम को जारी करना एक बड़ी चुनौती...

जानिए कोरोना की दूसरी लहर से इकोनाॅमी को हुआ कितना नुकसान, क्या है आरबीआई की रिपोर्ट

कोरोना की दूसरी लहर से देश की इकोनाॅमी को चालू वित्त वर्ष के दौरान अब तक दो लाख करोड़...

Must read

विवादित कृषि कानूनों की वापसी, ह्रदय परिवर्तन या यूपी इलेक्शन चुनाव को तैयारी

सरकार तीनो किसान कानूनो को वापस लेने के एक ही विधेयक पारित कर सकती है। बताया जा रहा है कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान इस विधेयक को पारित किया जा सकता है। बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र 29 नवंबर से शुरु हो रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में “टू चाइल्ड पॉलिसी” चुनावी स्टंट या वक्त की मांग

मसौदे में इस बात पर सिफारिश की गई है कि दो बच्चों की नीति का उल्लंघन करने वालों को स्थानीय निकायों के चुनाव में हिस्सा लेने की इजाजत नहीं देना, सरकारी नौकरी में आवेदन करने और प्रमोशन पर रोक लगाने जैसे मांग उठाना। साथ ही ये सुनिश्चित करना कि ऐसे लोगों को सरकार की ओर से मिलने वाले किसी भी लाभ से वंचित रखा जाए मौजूद है।

You might also likeRELATED
Recommended to you