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फिलीस्तीन पर निक्की हेली को बयान देना पड़ा भारी, UN उठा सकता है ये कदम  

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न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत निक्की हेली जो दिसंबर अंत में अपना पद छोड़ रही है, वह फिलीस्तीन के खिलाफ बयान देकर निशाने पर आ गई हैं। संयुक्त राष्ट्र में फिलीस्तीन के स्थायी पर्यवेक्षक रियाद मंसूर ने फिलिस्तीनी लोगों के प्रति बैर भाव दिखाने के लिए निक्की की तीखी आलोचना की है।

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निक्की हेली

सुरक्षा परिषद की बैठक में मंगलवार को इजरायल-फिलिस्तीनी मुद्दे पर हेली ने अपने आखिरी बयान में दोनों पक्षों से सुरक्षा परिषद की बैठक में और ज्यादा वार्ता करने की अपील की।

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अपने भाषण में हेली ने इजरायल और फिलीस्तिनियों से एक नई मध्य पूर्व शांति योजना में शामिल होने को कहा, जिसका अनावरण अभी डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा किया जाना बाकी है।

हेली ने कहा कि इस योजना में ऐसे तत्व शामिल हैं जिसे दोनों पक्ष पसंद और नापसंद करेंगे और कहा कि उन्होंने योजना पढ़ ली है।

उन्होंने इजरायलियों और फिलीस्तिनियों से योजना के उन हिस्सों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा, जो उन्हें पसंद आएं और वार्ता आगे बढ़ाने को कहा।

हेली ने कहा, “शांति समझौते से दोनों पक्षों को काफी लाभ होगा, लेकिन फिलीस्तिनियों को ज्यादा फायदा होगा और इजरायलियों के लिए अधिक जोखिम होगा।”

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जिसके बाद, मंसूर ने संवाददाताओं से कहा, “दुर्भाग्यवश, राजदूत हेली ने फिलीस्तीनी लोगों और फिलीस्तीनी मामलों के प्रति अत्यधिक शत्रुता का भाव प्रदर्शित किया है।” मंसूर ने कहा, “अमेरिका के विभिन्न प्रतिनिधियों ने हमेशा इजरायल के प्रति भारी समर्थन दिखाया है। लेकिन, फिर भी फिलिस्तीनी पक्ष को पूरी तरह से नजअंदाज नहीं करने के मामले में उनमें थोड़ा संतुलन था।”

समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने मंसूर के हवाले से कहा कि हेली पिछले अमेरिकी राजदूतों की तुलना में अधिक आक्रामक और इजरायल की ज्यादा समर्थक रही हैं।

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